सरकार की नौटंकी से त्रस्त हो चुके अतिथि शिक्षक

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अनुभव प्रमाण पत्र के नाम पर अतिथि शिक्षकों को कई बार परेशान कर रही सरकार
मण्डला। अतिथि शिक्षकों को नियमित करने की जगह मप्र की सरकार सिर्फ परेशान कर रही है कई तरह की औपचारिकता बार-बार पूरी कराई जा रही है जिसकी वजह से अतिथि शिक्षक परेशान हैं। काफी लम्बे समय ऑनलाईन अनुभव प्रमाण पत्र प्रदान करने के लिये कई तरह की नौटंकी सरकार द्वारा की जा रही है जिससे अतिथि शिक्षकों को अत्यंत परेशान होना पड़ रहा है। बार-बार एक काम की प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है कहीं बिल बाऊचर मांगे जा रहे हैं, तो बाद में उपस्थिति पंजी की छायाप्रति मांगी जा रही है। इस तरह परेशान किया जा रहा है। अतिथि शिक्षकों का कहना है कि एक ही बार में सारी जानकारी स्कूल व संकुल केंद्र से मांगी जाती और एक ही बार में सारा काम पूरा कर अनुभव प्रमाण पत्र दिया जाता तो बेहतर होता, लेकिन ऐसा नहीं किया गया और बार अतिथि शिक्षकों को अनुभव प्रमाण पत्र के नाम पर परेशान किया जा रहा है। इस बार उपस्थिति पंजी की छायाप्रति ओर जो अतिथि शिक्षक वर्ग 01, 02 की परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं उसकी जानकारी तीन-तीन प्रति में मांगी जा रही हैं। उपस्थिति सत्यापन पत्रक संकुल केंद्र में जमा करने के निर्देश है, लेकिन सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग या जिले के संबंधित अधिकारियों के हस्ताक्षर के लिये अतिथि शिक्षकों को सीधे मण्डला संबंधित जिला कार्यालय में भेजा जा रहा है। यह काम संकुल केंद्र के बाबू और प्राचार्यों का था जिसे अतिथि शिक्षक जिला मुख्यालय मण्डला में आकर करा रहे हैं। क्या यह नियमानुसार ठीक है? उच्च स्तरीय जाँच कराकर तहसील नैनपुर की संकुल केंद्र सालीवाड़ा सहित जिले के सभी संकुल केंद्रों के संबंधित बाबूओं और प्राचार्यों के खिलाफ निलम्बन की कार्यवाही की जाये जिन्होंने सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग से हस्ताक्षर कराने के लिये मण्डला स्वयं न आकर कई अतिथि शिक्षकों को पहुंचाया है। जनापेक्षा है उच्च स्तरीय जाँच पड़ताल की जाये और दोषियों के खिलाफ दण्डात्मक कार्यवाही की जावे।
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आगबबूला हो गये साक्षर भारत मिशन के प्रेरक
.संपूर्ण मप्र में कर रहे आंदोलन, सरकार को याद दिला रहे वचन
मण्डला। मध्यप्रदेश की सरकार वचन पत्र में किये गये वादों को पूरा करने के लिये गंभीर नहीं दिखाई दे रही है। खासकर नियमितिकरण की कार्यवाही करने में ज्यादा रूचि नहीं ली जा रही है, यही वजह है कि मप्र में नियमितिकरण की मांग को लेकर कई कर्मी लगातार आंदोलन कर रहे हैं। अतिथि शिक्षक आंदोलन रत हैं। इसी कड़ी में साक्षर भारत मिशन के संविदा प्रेरक संपूर्ण मप्र में जोरदार आंदोलन कर रहे हैं और कांग्रेस सरकार को वचन याद दिलाकर वचन निभाओं की मांग कर रहे हैं। इनका कहना है कि तीन माह में नियमितिकरण का आश्वासन दिया था। एक साल बीत जाने के बाद भी सेवाबहाली व नियमितिकरण की कार्यवाही पूरी नहीं की गई है। प्रेरक आगबबूला हो गये हैं और लगातार आंदोलन कर रहे हैं। जनापेक्षा है कि सरकार साक्षर भारत मिशन के संविदा प्रेरकों शीघ्र नियमित करें।
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