जो विधायक कार्य नहीं कर सकते वह अपना इस्तीफा सौंपे: राम बिहारी गोस्वामी

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पन्ना. विधानसभा के निर्दलीय उम्मीदवार समाजसेवी राम विहारी गोस्वामी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि जो भी विधायक अपने विधानसभा क्षेत्र के गरीब जनता की समस्याओं का समाधान नहीं करा सकते हैं और यह रोते हैं कि वह विपक्ष में है हम काम नहीं करा सकते वह अपना नैतिक आधार पर इस्तीफा सौंप दें। ताकि विधानसभा क्षेत्र में जो 4 वर्ष विकास कार्य होने हैं उनमें गतिरोध ना आ सके । श्री गोस्वामी ने कहा कि एक विधायक अपनी विधानसभा क्षेत्र के लिए मुख्यमंत्री के समान होता है वह सदन के अंदर विधानसभा क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को लेकर आवाज उठाता है और उनका निराकरण जब तक नहीं होता उसके लिए वह विधानसभा क्षेत्र से लेकर सदन तक हल्ला बोलता है । मगर पन्ना जिले में कई ऐसे विधायक हैं , जो कि अपनी विधानसभा क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को लेकर कोई भी आवाज नहीं उठाते हैं और इसका खामियाजा विधानसभा क्षेत्र की जनता को भुगतना पड़ रहा है । जिले के कुछ जनता ने तो यह भी बताया कि जब भी विधायक के पास जाते हैं तो वह रोना गाते हैं कि हमारी सरकार नहीं है जबकि उनके द्वारा बालू खदान पत्थर खदान मैं अपने भाई भतीजा रिस्तेदारो के नाम पर मंजूरी करा रहे हैं और लाखों करोड़ रुपए कमा रहे हैं । इसके बावजूद विधानसभा क्षेत्र की जनता से रोना रो रहे हैं कि वह विपक्ष में होने के कारण कोई कार्य नहीं कर सकते हैं । यदि कोई कार्य नहीं करा सकते तो इनके द्वारा जो खदानें अपने रिश्तेदारों के नाम पर सुकृत कराई गई हैं वह कहां से कराई गई हैं । यह क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है । लोगों द्वारा यह भी चर्चा की जा रही हैं पन्ना जिले में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी है डॉक्टर एसके त्रिपाठी स्वेच्छा से पन्ना आना चाहते हैं और जो पन्ना जिले के विशेषज्ञ चिकित्सकों में अपनी एक अलग पहचान बनाए हुए हैं। एक डॉ का ट्रांसफर सत्ताधारी विधायक एवं विपक्ष के विधायक नहीं करा पाए हैं । जबकि पन्ना जिले से प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉ आर एस त्रिपाठी का स्थानांतरण जिला चिकित्सालय पन्ना से सतना हो चुका है । जिसका खामियाजा जिले की भोली-भाली जनता को भुगतना पड़ेगा और एक ऑपरेशन में सतना तथा जबलपुर जाकर लाखों रुपए खर्च खून पसीने की कमाई के करने पड़ेंगे । श्री गोस्वामी ने कहा कि जब आप एक चिकित्सक का ट्रांसफर नहीं करा सकते तो जो अधिकारी जिले में जन हितेषी कार्य करते हैं और नेताओं की नहीं सुनते हैं ऐसे अधिकारियों के आप ट्रांसफर कैसे करा लेते हैं । यदि आप ईमानदार अधिकारियों के ट्रांसफर करा सकते हैं तो फिर एक योग्य चिकित्सक को भी अपने क्षेत्र में ट्रांसफर करा कर ला सकते हैं । श्री गोस्वामी ने कहा कि जिले के जो भी विधायक हैं वह अपने क्षेत्र की जनता को मूर्ख बना रहे हैं । श्री गोस्वामी ने कहा कि जिले की जनता अपने क्षेत्रीय विधायक से उनके कार्यों को लेकर चर्चा करें तथा उन्हें क्षेत्र के विकास के लिए बाध्य करें। ताकि वह जिले की मूलभूत समस्याओं को विधानसभा के अंदर रख सके। श्री गोस्वामी ने कहा कि पन्ना जिला में 40 से 45% वन क्षेत्र लगा हुआ है। मगर यहां पर आज तक ना तो वन विभाग का ट्रेनिंग सेंटर खोला गया है और ना ही पुलिस विभाग का जबकि पन्ना जिले में 3 – 3 डीएफओ रैंक के अधिकारी पदस्थ है । इसके साथ ही एक अधिकारी सीसीएफ जिला मुख्यालय में बैठा हुआ है । ऐसी परिस्थितियों में भी वन विभाग का ट्रेनिंग सेंटर ना होना पन्ना जिले की जनता के साथ छलावा है। ट्रेनिंग सेंटर खुलने से पन्ना जिले में जहां रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे । वही पर्यटकों को बढ़ावा बढ़ेगा क्योंकि ट्रेनिंग करने के लिए पूरे मध्यप्रदेश से वन कर्मचारी जब पन्ना आएंगे प्राकृतिक स्थलों का जा कर वह भ्रमण करेंगे तो वह ट्रेनिंग करने के पश्चात अपने गृह जिले के लिए जाएंगे । तब वहां पर पन्ना जिले की खूबियों को बताएंगे । जिसके बाद पचमढ़ी की तरह पन्ना जिले में भी पर्यटकों का आवागमन ज्यादा होगा
और उसका फायदा जिले के व्यापारी बंधुओं को होगा । श्री गोस्वामी ने कहा कि पन्ना जिले में आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज खुलने की संभावना है मगर जिले के जनप्रतिनिधियों द्वारा कभी भी आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज खोले जाने को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं । उन्होंने यह भी कहा की पन्ना जिला आजादी के पूर्व में हवाई सुविधा था साकरिया में हवाई अड्डा था मगर आजादी के बाद से सकरिया का हवाई अड्डा समाप्त हो चुका है । जिसको पुनः चालू किया जाए । इसके साथ ही पन्ना कटनी बांदा जिले के लिए रेल लाइन का विस्तारीकरण किया जाए । इसके साथ ही जो कार्य सतना से खजुराहो रेल लाइन का अधूरा पड़ा हुआ है उसको जल्द से जल्द पूरा कराया जाए । इसको लेकर जिले के जीते हुए जनप्रतिनिधियों से मांग है कि वह इस को लेकर विधानसभा एवं लोकसभा सदन के अंदर बात को गंभीरता के साथ रखें और यदि उनकी बातों पर पार्टी अमल नहीं करती है तो भोपाल एवं दिल्ली में विशाल जन आंदोलन करें । क्योंकि आपको जो वेतन का भुगतान होता है वह जिले की जनता द्वारा दिए गए मतों से हुई जीत के कारण मिल रहा है । उस वेतन में आपका कोई अधिकार नहीं है उसमें जिले की भोली-भाली जनता का अधिकार बनता है । इसलिए क्षेत्र की जनता को लेकर आप उचित कदम उठाएं ताकि मतदाताओं को आपको मत देने पर गर्व हो सके।

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