विश्व विकलांग दिवस पर दिव्यांगजनों की न्याय की मांग

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पूर्व चयनित 34 दिव्यांग सहायक प्रध्यापक को मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री से ने न्याय की उम्मीद

बालाघाट। प्रतिवर्ष की तरह 3 दिसंबर का दिन विश्व दिव्यांग दिवस मनाया जाता है, यह दिन दिव्यांगों के सशक्तिकरण के लिए मनाया जाता है। जिसका मुख्य उदे्श्य दिव्यांग व्यक्तियों के लिए समान अधिकार और विकास संभावनाओं की सुनिश्चितता करना है। समाज में दिव्यांगों के आत्मसम्मान और अधिकारों के लिये और विकलांगता के मुद्दे की ओर पूरे विश्वभर की समझ को सुधारना इस दिन का उद्देश्य है। विश्व विकलांग दिवस में लोगों को समाज में दिव्यांग व्यक्तियों के साथ भेदभाव न हो समझाया जाता है परंतु मध्यप्रदेश के करीब 34 चयनित दिव्यांग सहायक प्रध्यापकों के बाहर होने का मामला सामने आया है। इन सभी दिव्यांग सहायक प्रध्यापकों के सामने अब एक का उभर कर आया है जिसमें इन्हें सरकार की बेरूखी का भी सामना करना पड़ रहा है। इन दिव्यांग अभ्यर्थियों ने कठिन परिश्रम करके मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा सहायक प्रध्यापक परीक्षा 2017 में सफलता प्राप्त की,जिसके विभाग विभाग द्वारा इनके समस्त दस्तावेजों को भोपाल में वेरीफिकेशन भी कराया गया।आज वे मानसिक,सामाजिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। इसका जिम्मेदार कौन है? विश्व विकलांग दिवस पर पूर्व चयनित 34 दिव्यांग सहायक प्रध्यापक को मुख्यमंत्री जी और उच्च शिक्षा मंत्री से ने न्याय की उम्मीद हैं।पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह जी के कार्यकाल में 6% आरक्षण दिव्यांग अभ्यर्थियों मिला( आदेश दिनांक 30-5-1997 सामान्य प्रशासन विभाग, मध्य प्रदेश)ेक्या सरकार दिव्यांगजनों को न्याय देगी जैसा 19/08/2019 के संसोधन विवरण में 43 अतिरिक्त पदों का श्रजन कर पूर्व में चयनित आंबेडकर विश्वविद्यालय महु (इंदौर) के उम्मीदवार बाहर न हो उनके साथ न्याय किया तथा समायोजित किया ेयदि उच्च शिक्षा विभाग चाहे तो 34 पूर्व चयनित विभिन्न श्रेणी के दिव्यांग उम्मीदवारों के अतिरिक्त पदों का श्रजन कर समायोजित किया जा सकता है,ताकि दिव्यांगजनों के साथ भी न्याय होतो19-8-2019 के संशोधित विज्ञापन के बाद भी विभिन्न विषयों में 91पद दिव्यांगजन श्रेणीयों (अस्थिबाधित ,दृष्टिबाधित ,श्रवणबाधित) खाली हैं जिन पर 34 दिव्यांगजनों को उनके विषयों समायोजित किया जा सकता है सामाजिक न्याय और सशक्तीकरण मंत्रालय, नई दिल्ली (विकलांगों व्यक्तियों के लिए आरक्षित पद 29 जुलाई 2013 को प्रकाशित अधिसूचना संख्या नंबर 16-15 / 2010-डीडी-।।।) गणित, प्राणी विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, भौतिकी, गृह विज्ञान और रसायन विज्ञान विषय के पद सहायक प्रध्यापक दृष्टिबाधित उम्मीदवारों के लिए आरक्षित पद नहीं है तथा 2003,2006 और 2008 में सहायक प्रध्यापक परीक्षा के पुराने विज्ञापन में भर्ती में विशेष रूप से उल्लेख किया था कि ये पद दृष्टिबाधित उम्मीदवारों के लिए नहीं हैं , इन विषयों के रिक्त पदों पर पूर्व चयनित दृष्टिबाधित सहायक प्रध्यापक को उनके विषयों समायोजित किया जा सकता है। उच्च शिक्षा विभाग के पूर्व अधिकारी की गलती परिणाम दिव्यांगो को भुगतना पड़ा,जो एक वर्ष से चयनित होने व दस्तावेज सत्यापन के बाद नियुक्त का इंतजार कर रहे थे। पूर्व सरकारों के निर्देश पर पहले भी दिव्यांग अभ्यर्थियों समायोजन किया गया है उच्च शिक्षा विभाग ने नि:शक्तजनों के लिये आरक्षित पदों की पूर्ति हेतु कभी भी विशेष भर्ती अभियान नहीं चलाया,जिससे दिव्यांग सहायक प्रध्यापक की भर्ती विगत वर्ष में नहीं सकी परंतु सहायक प्रध्यापक परीक्षा 2017 से 34 पूर्व चयनित विभिन्न श्रेणी के दिव्यांग उम्मीदवारों को बाहर कियो?

विश्व विकलांग दिवस पर राज्य सरकार की सहायक प्रध्यापक परीक्षा 2017 से बाहर 34 पूर्व चयनित विभिन्न श्रेणी के दिव्यांग उम्मीदवारों को समायोजित करने की क्या योजना है?

– डॉ दिनेश कुमार सिंह शम्भूरतना,
( दृष्टि बाधित)

सरकार द्वारा रिक्त पदों की जानकारी मिलने पर ही भर्ती निकाली जाती है । शेष शासन को निर्णय लेना होता है ।
– रेनू पंत, सचिव, एमपीपीएससी

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