प्रभारी मंत्री को सरपंच ने सौंपा ज्ञापन

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दमोह. प्रभारी मंत्री को सरपंच ने सौंपा ज्ञापन सचिव ग्राम पंचायत के लोगों से कर रहा है वसूली ग्राम पंचायत महुआ खेड़ा के सरपंच रामजीवन दुबे ने प्रभारी मंत्री प्रभु राम चौधरी एवं जिला पंचायत कलेक्टर दमोह कलेक्टर को कई बार अपनी ग्राम पंचायत की शिकायत की सचिव अपनी मनमर्जी से कर रहा है कार्य ग्राम पंचायत में नहीं आते सचिव हटा से ही चला रहे हैं पंचायत ग्राम पंचायत के मक्खू लाल आदिवासी की माता का देहांत हो चुका था जिसकी मुख्यमंत्री द्वारा नया सवेरा योजना के तहत परिवार को सहायता राशि मिलती है जो उसमें ग्राम पंचायत के सचिव मनीष दुबे द्वारा पीड़ित परिवार से ₹20000 की राशि ली गई है कि आपको मुख्यमंत्री द्वारा नया सवेरा की योजना का लाभ दिलवा दे अगर लाभ लेना है तो जल्द से जल्द आप हमें पैसे दो 20 हजार नगद ले चुके हैं और ₹30000 क्या खर्चा हुआ है अभी तक ऐसा मक्खू आदिवासी ने बताया इसी बात की आज पटेरा जनपद पंचायत में शिकायत करने आया था आवेदक इससे पहले उसने प्रभारी मंत्री को भी शिकायत की है शिकायत पर अभी तक कोई भी कार्यवाही ना होने के चलते आज जनपद पंचायत के सीईओ को भी शिकायत करने आया था आवेदक के साथ सरपंच महुआ खेड़ा साथ में थे उन्होंने बताया कि पंचायत में कभी भी सचिव आता नहीं है हितग्राहियों से पैसे का लेन-देन भी करता है जब हितग्राही पैसा देते हैं उनका काम नहीं होता तो वह मेरे पास शिकायत करने आते हैं कि शासन द्वारा सचिव को मानदेय मिलता है तो किस बात के पैसे ले रहा है ग्राम पंचायत की जनता से पंचायत के कोई भी कामों में सरपंच से बिना पूछे ही जानकारी भेज देते हैं अभी ग्राम पंचायत में एक समिति बनाई जा रही है जिसमें कुछ लोगों को जोड़कर भेज दिया गया है उनसे भी पैसे लिए गए हैं जो पैसे देते हैं उनका ही काम होता है ग्राम पंचायत के सरपंच का कहना है ग्राम पंचायत के विकास कार्यों कार्य नहीं हो पा रही क्योंकि सचिव मुख्यालय पर नहीं रहता अगर ग्रामीणों को कुछ काम करवाना है तो सचिव के मुख्यालय निवास हटा जाना पड़ता है सरपंच भी हटा अपने काम करवाने के लिए जाते हैं सचिव अपनी दबंगई दिखाते हुए ग्राम पंचायत के हितग्राहियों के पीएम आवास की मजदूरी भी नहीं डाल रहे हैं अगर मजदूरी डालते हैं तो उनसे कुछ राशि भी ठहरा लेते हैं ग्रामीणों की मांग है कि ग्राम पंचायत से मनीष दुबे को हटा दिया जाए किसी और सचिव को प्रभार दिलाया जाए जिससे मजदूर पलायन ना कर पाए क्योंकि जब ग्राम पंचायत में ही काम है तो दिल्ली-मुंबई काम करने क्यों जाएं सचिव के चलते लोग बाग प्लान कर रहे हैं मजदूरी पीएम आवास की आज भी नहीं मिल रही है मजदूरों को कर्ज लेकर मजदूर कर रहे हैं काम मक्खू लाल आदिवासी का कहना है कि अगर मेरा काम नहीं हुआ और मेरे पैसे सचिव ने वापस नहीं दिए तो मैं आत्महत्या कर लूंगा.

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