पश्चिम मध्य रेल, मुख्यालय में हिंदी प्रतियोगिताओं का आयोजन

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जबलपुर। पश्चिम मध्य रेलवे, मुख्यालय में दिनांक 07.02.2019 एवं 08.02.2019 को हिंदी प्रतियोगिताओं के प्रथम दौर का आयोजन श्री राजेश अर्गल, मुख्य राजभाषा अधिकारी के मार्गदर्शन तथा निर्देशन में किया गया। इसके अंतर्गत दिनांक 07.02.2019 को पहले सत्र में हिंदी टिप्पण एवं प्रारूप लेखन प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इस प्रतियोगिता में श्री ऋषि दुबे, सांख्यिकीय निरीक्षक ने प्रथम, श्री अमितकांत समाधिया, मुख्य वाणिज्य निरीक्षक ने द्वितीय तथा श्री विद्या भूषण भारती, कार्यालय अधीक्षक ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। जबकि दूसरे सत्र में ‘‘भारत में लगातार बढ़ता एनपीए-समस्या एवं समाधान’’ विषय पर आयोजित हिंदी निबंध प्रतियोगिता में श्री अभिषेक वाजपेयी, लेखा सहायक ने प्रथम, श्री सुनील कुमार वर्मा, वरिष्ठ सांख्यिकीय निरीक्षक ने द्वितीय तथा श्री उत्तम कुमार, लेखा सहायक ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
दिनांक 08.02.2019 को ‘‘अपना नाम, अपना काम, हिंदी में ही मान’’ विषय पर आयोजित वाक् प्रतियोगिता में श्री सर्वेश कुमार पाण्डेय, मुख्य डिपो अधीक्षक ने प्रथम, श्रीमती दीप सिंह, कार्यालय अधीक्षक ने द्वितीय तथा श्री हरि सहाय पाण्डेय, मुख्य जांच निरीक्षक ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। हिंदी वाक् प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपने ओझपूर्ण विचार व्यक्त किए और कई सराहनीय सुझाव प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों ने कहा कि किसी भी स्वतंत्र देश के लिए अपनी भाषा में काम करना गौरव का विषय होना चाहिए। ऐसा नही है कि हिंदी हमारी मजबूरी है। इस देश की बहुसंख्यक जनता हिंदी बोलती है और प्रयोग में लाती है। अतः देश का कामकाज हिंदी में ही किया जाना चाहिए। प्रतिभागियों ने कहा कि हमें अपने हस्ताक्षर हिंदी में करने चाहिए, अपना नाम हिंदी में लिखना चाहिए। अपने पारिवारिक, सामाजिक तथा धार्मिक आयोजनों के निमंत्रण-आमंत्रण पत्र हिंदी में छपवाने चाहिए। अपनी दुकान-प्रतिष्ठानों के नाम भी हिंदी में लिखवाए जाने चाहिए। बैंक, रेलवे आदि के प्रपत्र हिंदी में भरने चाहिए। सरकारी कामकाज में सभी कार्य हिंदी में करने चाहिए। ऐसा संकल्प लंे कि अपना सारा कामकाज स्वयं हिंदी में करें और अपने साथियों को इस हेतु प्रोत्साहित करें। निःसंदेह हम अपना नाम और अपना काम हिंदी में करेंगे तो हमें सम्मान भी अपनी भाषा में ही मिलेगा।
हिंदी वाक् प्रतियोगिता में श्री बसंत कुमार शर्मा, उप मुख्य परिचालन प्रबंधक तथा श्री श्रीकांत बनवासी, राजभाषा अधिकारी, मुख्यालय निर्णायक के रूप में उपस्थित रहे। वाक् प्रतियोगिता सहित उक्त सभी प्रतियोगिताओं में बड़ी संख्या में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन श्री पी.एस.बगड़वाल, वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी मुख्यालय ने किया।

पमरे के सिगनल एवं दूरसंचार विभाग द्वारा समपार फाटकों पर उन्नत सिगनल प्रणाली का किया प्रावधान

भारतीय रेल पर अधिकतर दुर्घटनायें लेवल क्राॅसिंग गेटों (समपार फाटकों) पर होती है। अतः समपार फाटकों पर संरक्षा पश्चिम मध्य रेल तथा रेल मंत्रालय को प्रमुख मिशन रहा है। इसी श्रृंखला में पश्चिम मध्य रेलवे के सिगनल एवं दूरसंचार विभग द्वारा वित्तीय वर्ष 2018-19 में 03 लेवल क्रासिंग गेटों पर इंटरलाॅकिंग का कार्य कोटा मंडल में एक समपार फाटक नं. 69 एवं भोपाल मंडल में दो समपार फाटक नं. 238, 221 पर किया गया है। जिससे कि रेल संचालन की संरक्षा में बढ़ोत्तरी हुई है। अभी तक ये गेट नाॅन इंटरलाॅक्ड थे और यहां पर गाड़ी आनें के पहले गेटमैन को स्टेशन मास्टर द्वारा टेलिफोन के द्वारा गेट बंद करने के लिए सूचित किया जाता है, इस प्रणाली में भूल होनें की संभवना रहती थी। अब सिगनल एवं दूरसंचार विभाग ने 03 ऐसे गेटों पर उन्नत सिगनल प्रणाली का प्रावधान किया है। इस सिगनलिंग प्रणाली से गेट के दोनों ओर सिगनलों का प्रावधान किया गया है और यह सिगनल गेटमैन द्वारा परिचालित किये जायेंगे। गाड़ी का सिगनल तभी आएगा जबकि गेट बंद और लाॅक है। अतः मानवीय भूल की संभावना नहीं रहेगी। साथ ही टेªनों में तथा गेट पर किसी असामान्य स्थिति के उत्पन्न होने पर गेटमैन तुरंत दिये हुए सिगनल के माध्यम से टेªन को रोक सकेंगे जिससे दुर्घटनाओं को टाला जा सकेगा। इससे गाड़ी संचालन की संरक्षा में बढ़ोत्तरी हुई, साथ ही रेलवे लाईन पार करने वाले वाहनों की संरक्षा भी सुनिश्चित हुई है।
समपार फाटक पर उपलब्ध कराई गई मूलभूत सुविधायें
रेलवे में रेलपथ की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है, जिसे रेलपथ कई शहर, गांव एवं जंगल से होकर गुजरता है और गेट भी ऐसे स्थानों पर स्थित होते हैं। गेटमेन के महत्वपूर्ण कार्य को देखते हुए एवं संरक्षा के हित में यह अतिआवश्यक हो जाता है कि गेटमेन को कुछ मूलभूत सुविधायें हम उसे गेट पर ही उपलब्ध करायें, जिससे वह अपना कार्य पूरी सजगता एवं ईमानदारी से कर सके। इसी उद्देश्य से पश्चिम मध्य रेलवे में सभी मानव सहित गेटों पर पीने के पानी की व्यवस्था की जा रही है। कुछ जगह हेण्डपम्प द्वारा पीने का पानी उपलब्ध कराया जा रहा है एवं ऐसी जगह जहां हेण्डपम्प लगाना संभव नहीं है या जमीन में पानी उपलब्ध नहीं है, वहां दूसरे शोर्स जैसे नगर-निगम/नगर-पालिका/ग्राम पंचायत/प्राईवेट पार्टी द्वारा पानी क्रय किया जा रहा है। गेटमेन को पीने योग्य साफ पानी मिले एवं वह स्वस्थ रह सके इस दिशा में पश्चिम मध्य रेलवे ने भोपाल एवं जबलपुर मंडल के सभी मानव सहित समपारों पर वाटर फिल्टर उपलब्ध करा दिये गये हैं एवं कोटा मंडल में यह कार्य प्रगति पर है। वाटर फिल्टर की उपलब्धता से गेटमेनों को स्वच्छ एवं साफ पीने योग्य पानी मिल सकेगा। माननीय प्रधानमंत्री जी, के स्वच्छ अभियान में भी पश्चिम मध्य रेल के सभी मानव सहित समपारों पर टाॅयलेट बनाकर अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रही है। इस दिशा में पश्चिम मध्य रेलवे तीनों मंडलों पर कार्य प्रगति पर है एवं शीघ्र ही सभी मानव सहित समपारों पर गेटमेनों के लिए टाॅयलेट की सुविधा उपलब्ध करा दी जायेगी। सभी मानव सहित समपारों पर राज्य सरकार/सोलर लाईट द्वारा बिजली उपलब्ध करा दी गई है और गेटमेनों को अच्छे कार्य स्थल उपलब्ध कराये जा रहे हैं।

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